10 अशासकीय स्कूलों में प्राइवेट प्रकाशन की किताबों से अध्ययन
ओजस, सेंट मेरी, डीपीएस सहित शहर और बाहर की स्कूलों को नोटिस जारी

बालाघाट,
बालाघाट नगर सहित कायदी डोंगरिया, गर्रा, खुरसोड़ी और कटेदरा की अशासकीय स्कूलों में एनसीईआरटी के अलावा प्रायवेट प्रकाशन की किताबों से अध्ययन कराया जा रहा है। यह बात कलेक्टर श्री मृणाल मीना द्वारा गठित की गई जिला व विकासखंड स्तरीय जांच समिति की जांच में सामने आयी है। जबकि मप्र निजी विद्यालय(फीस तथा अन्य सम्बंधित विषयों का विनियम) अधिनियम-2017 की धारा-6 व 9 तथा अधिनियम 2020 के नियम 6 (1) (घ) के अनुसार छात्र या अभिभावकों को पुस्तकें एवं अन्य सामग्री केवल चयनित विक्रेताओं से क्रय करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। इस मामलें में जिला शिक्षा अधिकारी श्री एके उपाध्याय ने बताया कि जांच में आयी अनियमितता के बाद कलेक्टर श्री मीना ने निर्देशों पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही तीन दिनों के भीतर एनसीईआरटी द्वारा उपलब्ध कराई गई पुस्तकों के मूल्य को आधार मानकर पालकों व छात्रों से लिया गया अधिक मूल्य की राशि वापस करने का नोटिस जारी किया गया है।
इन स्कूलों में प्राइवेट प्रकाशन की किताबें प्रचलित पायी गई

जिला शिक्षा अधिकारी उपाध्याय ने बताया कि कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए 1100 से 1200 रुपये तक एनसीआरटी की पुस्तकें उपलब्ध हो जाती है। इसके बावजूद भी जिले के 10 अशासकीय स्कूलों द्वारा अधिकतम 5 हजार रुपये की राशि तक बच्चों को एनसीआरटी एवं प्रायवेट पब्लिकेशन के मूल्य की पुस्तकें उपलब्ध करायी है। जिन्हें पालकों/छात्रों से ली गई अधिक मूल्य की राशि वापस किये जाने का नोटिस जारी किया गया है। इन विद्यालयों में बालाघाट का ओजल ग्लोबल स्कूल, सेंट मेरी इंग्लिश मीडियम स्कूल, पाठशाला स्कूल, जॉनशन किड्स स्कूल, बालाघाट पब्लिक स्कूल, गुरुदेव पब्लिक स्कूल कायदी, ग्रीनवेली पब्लिक स्कूल डोंगरिया, सतपुड़ा वेली पब्लिक स्कूल गर्रा, गोल्डन ट्यूलिप इंटरनेशनल स्कूल कटेदरा एवं डीपीएस सेकेंडरी स्कूल खुरसोड़ी शामिल हैं।




