छत्तीसगढ़राज्य

श्री शिवमहापुराण कथा का हवन एवं भंडारा के साथ हुआ समापन

रायपुर। खम्हारडीह में 22 से 29 अप्रैल तक आयोजित शिव महा पुराण कथा का समापन मंगलवार को हुआ। 22 को प्रारंभ हुये श्री शिव महापुराण की कथा का अविरलधारा कोपरा (राजिम) निवासी पुजारी महाराज हलधर नाथ योगी (साहित्यरल) से सम्मानित हास्य कवि के श्रीमुख से सम्पूर्ण वार्ड वासी ने श्रवण किया। आयोजन समिति के प्रमुख दिनेश साहू ने बताया कि प्रथम दिवस 22 अप्रैल को भव्य कलश यात्रा से श्रीगणेश हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में आयोजक परिवार सहित मोहल्ले की महिलाये सामिल हुए। 23 अप्रैल को शिव कथा माहत्म की कथा बताई। 24अप्रैल को शिव प्रागट्य की कथा हुई एवं 25 अप्रैल को कुबेर जन्म की कथा हुई, 26 अप्रैल को सोमवार व्रत की कथा हुई, 27 अप्रैल रविवार को हिन्दू रिति-रिवाज (छत्तीसगढ़ी रिति) द्वारा भगवान शंकर एवं माता पार्वती का विवाह विधी विधान से हल्दी, बारात एवं विदाई की रस्म किया गया, जिसके हजारों की संख्या में भक्त इसके साक्षी बने। 28 अप्रैल को भगवान शंकर पार्वती के पूर्व कायम कार्तिक एवं भगवान गणेश की भवपत्र कथा का रस पान किया। कथा के अंतिम दिन मंगलवार को गीता, हवन, पूर्णाहुति के साथ महा प्रसादी (भंडारा) का वितरण भक्तों के बीच किया गया।

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