आज से नदियों से रेत के निकासी पर प्रतिबंध

बालाघाट|
प्रदेश में नदियों से रेत निकालने का कार्य आज के बाद प्रतिबंधित हो जायेगा। आगामी माह अक्टूबर तक यह प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंध लगने के पश्चात नदियों से रेत का उत्खनन व परिवहन नहीं किया जा सकेगा। हालांकि रेत कारोबारियों ने रेत का नदी घाट के निकट में या फिर कुछ दूरी पर भंडारण कर लिया हैं। ताकि वे बारिश के समय में रेत की सप्लाई जारी रख सके। उल्लेखनीय हैं कि रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। जिन घाटों की स्वीकृति नहीं वहां से भी रेत की निकासी होना और परिवहन किया जाना किसी से छुपा नहीं हैं। यहां तक कि आरक्षित क्षेत्र जहां पर रेत के उत्खनन व परिवहन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं वहां से भी डम्परों के माध्यम से मशीन लगाकर रेत की निकासी व परिवहन किया गया हैं। रेत निकालने के लिये जिन घाटों को स्वीकृत किया गया वहां पर कितनी सीमा में उत्खनन किया जाना हैं इसे लेकर कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई। जबकि घाट का सीमांकन व सूचना बोर्ड लगाया जाना अनिवार्य किया गया था। किंतु खनिज विभाग की ओर से इस ओर कतई ध्यान नहीं दिया गया। जिसके कारण रेत के अवैध उत्खनन के कार्यो को रेत कारोबारियों की ओर से बहुत ज्यादा अंजाम दिया गया। जिन्हें कहीं ना कहीं विभागीय स्तर पर संरक्षण रहा हैं। यही कारण हैं कि ऐसे अवैध उत्खनन व परिवहन की कई शिकायतें जनप्रतिनिधियों की ओर से हुई तो भी खनिज महकमा या प्रशासनिक महकमा कार्यवाही नहीं कर पाये। जिससे समझा जा सकता हैं कि बगैर संरक्षण के यह कार्य हो ही नहीं सकता हैं। अव्वल तो यह कि रेत ठेकेदारों के लड़कों द्वारा घूम-घूमकर रायल्टी काटने का कार्य किया गया। जिन्होने रायल्टी नहीं दी तो उसके वाहन को पकड़वाने का कार्य भी किया गया हैं। रेत के इस अवैध उत्खनन के कार्यों को अब अवैध भंडारण के रूप में संरक्षण मिल गया हैं। जहां कई ऐसे भंडारण हैं जिसके संबंध में दिशा-निर्देश हैं कि कहां पर भंडारण हो सकता हैं और क्यों किया जायेगा? लेकिन कही ना कही इसका भी मखौल उड़ाते हुये रेत कारोबारियों ने रेत का भंडारण कर लिया हैं। अगर इन भंडारण पर कार्यवाही हुई तो उसे नीलाम करने की औपचारिकता कर उन्हें ही टीपी जारी की जायेगी। जिसके पश्चात वे फिर उसे आसानी से बेच सकेगें। साथ ही रेत की निकासी भी कर सकेगें। रेत निकासी के इस अवैध कार्यों को हालांकि बारिश में भी अंजाम दिया जायेगा। पर फिलहाल में कल 30 जून से नदियो से रेत निकासी का अंतिम दिन रहेगा। इसके पश्चात रेत के उत्खनन व परिवहन पर रोक लग जायेगी। 30 जून के पश्चात अवैध उत्खनन व परिवहन को लेकर महकमा कितनी कार्यवाही करेगा यह तो आने वाला समय ही बतायेगा। पर फिलहाल में माना जा रहा हैं कि 30 जून के पश्चात अवश्य ही नदियों से रेत निकासी को लेकर रोक जारी हो जायेगी।




