मध्यप्रदेशराज्य

एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य थीम पर सांदीपनि विद्याय में मनाया योग दिवस

शरीर के वजन बढ़ने पर व्यायाम,मन पर भार बढ़े तो योग और धन का वजन बढ़ जाये तो दान करना चाहिए : सांसद पारधी

 

सामूहिक योगाभ्यास में जनप्रतिनिधि अधिकारी, स्कूली विद्यार्थी और नगर के नागरिकों ने योग क्रियाएं की

बालाघाट| एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए नगर के स्थानीय सांदीपनि विद्यालय में 11 वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। सांसद भारती पारधी की अध्यक्षता में सामूहिक योग में जनप्रतिनिधियों सहित जिला अधिकारी,स्कूली विद्यार्थी और नगर के गणमान्य नागरिकों ने योगाभ्यास किया। कार्यक्रम के दौरान सांसद भारती पारधी ने कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने की विधा में योग सबसे उत्तम है। योग का सीधा सम्बंध जोड़ने से है, जैसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग से पूरे भारत को जोड़ा है। सिर्फ भारत में नही विश्व के अनेक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है। योग शारीरिक ही नही बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से बांधता है जोड़ता है। जब शरीर का वजन बढ़ने लगे तो व्यायाम आवश्यक है,ऐसे ही मन पर भार बढ़े तो योग और धन का वजन बढ़ जाये तो दान करना चाहिए। सांदीपनि विद्यालय में आयुष विभाग द्वारा आयोजित योग में जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक सरस्वार, कलेक्टर मृणाल मीना, एडीएम जीएस धुर्वे,जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ, सीआरपीएफ 123 वी बटालियन कमांडेंट तेजिंदर कौर, सहायक कलेक्टर आकाश अग्रवाल, एसडीएम गोपाल सोनी,सीएसपी वैशाली सिंह सहित नपा पूर्व अध्यक्ष रमेश रँगलानी ने सामुहिक रूप से योग किया।

योग से पूर्व ॐ कार व ग्रीवा और स्कंध चालन कर शरीर को गति प्रदान की

योग की शुरुआत ॐ कार शब्द की ध्वनि के साथ हुई। इसके पश्चात देश के सांस्कृतिक सम्बोधन स्वरूप दोनों हाथों को जोड़कर अभिवादन करते हुए यूट्यूब से प्राप्त अनुदेशों के अनुसार सभी ने योग से पूर्व ग्रीवा व स्कंध चालन को गति प्रदान की। इसमें गर्दन व कंधे से जुड़े व्यायाम किये गए।स्कंध चक्र में दोनों हाथों की कोहनी मोड़कर कंधों पर रखते हुए वृत्ताकार घुमाते हुए चेहरे के सामने लाकर धीरे-धीरे घुमाया गया। फिर कटीचालन के अभ्यास में हाथ सामने रखकर कमर को दाएं बाएं घुमाया गया।

ताड़ासन योगासन से हुआ योगअभ्यास

योग की शुरुआत ताड़ासन से हुई। इसमें दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाकर। सिर के ऊपर हाथों को ले जाकर एड़ियो को ऊपर उठाते हुए पाँव के पंजे पर खड़े होने का प्रयास किया। इसके पश्चात सिलसिलेवार पादहस्तासन में श्वास भरते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर करने के पश्चात और धीरे-धीरे नीचे झुक कर जमीन को स्पर्श किया गया। अर्धचक्रासन में कमर पर दोनों हाथ रखकर पीछे की ओर धीरे-धीरे झुक कर आँखें आसमान की ओर रखते हुए योग किया गया। त्रिकोण आसन में दोनों पैरों के बीच कुछ फासला रख कर और दोनों हाथों को लंबे करते हुए धीरे-धीरे हाथों से एक पैर को चुना है दूसरा हाथ ऊपर की ओर रखते हुए झुककर पैर की एड़ियो को छूने व आंखे आसमान की ओर करना होता है।

बैठकर करने वाले योगाआसन

योग दिवस पर कुछ आसन बैठकर आसन किये गए। इसमें पैरों को लंबा करते हुए हाथों की हथेलियों को जमीन पर रखते हुए दंडासन की मुद्रा में बैठकर आसन प्रारम्भ हुआ। इसके पश्चात पैर लंबे करते हुऐ कंधे सीधे ऊपर की ओर रखते हुए झुक कर दोनों हाथों से पाँव की उँगलियो को स्पर्श करने होता है। इस अवस्था के बाद सामान्य होकर वज्रासन की मुद्रा में बैठकर पैरों को नितम्भ के नीचे करते हुए एड़ियो पर बैठकर सामान्य श्वास छोड़ते रहना है। ध्यान श्वास पर रखा जाता है। अर्ध उष्ट्रासन घुटने के बल पर आकर कमर पर दोनों हाथ रखते हुए पीछे की ओर झुकना होता है। मंडूकासन में दोनों घुटने मोड़ते हुए पेट को धीरे-धीरे जमीन की ओर झुकना है और पूरी तरह लंबे हाथ रखने है। उत्तान मंडूकासन में धीरे-धीरे श्वास भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर ले जाना है। हाथ पीछे की ओर मोड़ते हुए दोनों हथेलियों को एक दूसरे पर कुछ देर रखना है। धीरे से श्वास छोड़ते हुए दोनों हाथों को ऊपर करते हुए सामान्य स्थिति में आना होता है। फिर दोनों पैरों को लंबे करते हुए सामान्य स्थिति में आना। मकरासन में एक पैर लंबा करते हुए एक पैर घुटने से मोड़ते हुए, वहीं एक हाथ को कमर के पीछे की ओर तथा दूसरे हाथ को लंबे पांव के घुटने की ओर लाना है। फिर श्वास छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आना है। इसके बाद दूसरे पांव से भी इसी तरह दोनों हाथों की स्थिति बदलते हुए करना होता है। भुजंगासन में लेटकर हाथों को कोहनी से मोड़कर ठुड्डी को हाथों की उल्टी हथेलियों पर रखना है।सेतुबंधानसन में सीधे लेटकर दोनों पैर घुटने से मोड़ते हुए दोनों हाथों से एड़ियो को पकड़ना है। अब धीरे-धीरे कमर को ऊपर की ओर रखना है। उत्तानासन सीधा लेटकर दोनों पैरों को 45 डिग्री तक उठाना है। अब दोनों पैरों को कमर से ऊपर के नीचे से ऊपर उठाना होता है। कुछ देर उसी अवस्था मे रखना है। इसके पश्चात शवासन किया गया। इस आसन में आंखे बंद रखते हुए दोनों पैरों को थोडा चौड़ा रखते हुए हाथों को कमर से दूर हथेलिये खोलकर आंखे बंद करते हुए स्वयं में ध्यान रखना होता है।

योग का अंतिम चरण सामान्य स्थिति में आकर प्राणायाम

योग के अंतिम चरण में प्राणायाम की क्रियाएं की गई। इसमें कपाल भाती के साथ श्वास के लिए भस्त्रिका आदि प्राणायाम के योग किये गए। योग का समापन सांदीपनि विद्यालय के प्रांगण में सांसद पारधी सहित कलेक्टर मृणाल मीना जिला पंचायत अध्यक्ष व अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारियों ने पौधरोपण किया।

ये भी रहे योगाभ्यास में शामिल

कलेक्टर मृणाल मीना ने बैठक में दौरान सभी जिला अधिकारी सहित विभागों के अमले की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। उसी अनुरूप अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। इसमें आयोजक अधिकारी जिला आयुष अधिकारी डॉ.मिलिंद चौधरी, डिप्टी कलेक्टर एमआर कोल, जिला आबकारी अधिकारी सुरेंद्र उरांव, सीएमएचओ डॉ. परेश उप्लव, सीएमओ बी डी कतरोलिया, जिला खेल अधिकारी केके चौरसिया, जिला विज्ञान एवं सूचना अधिकारी सुभाषचंद्र ठाकरे, महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी प्रशांतदीप ठाकुर, लोक सेवा प्रबंधक अनिल लिल्हारे, ई- गवर्नेंस प्रबंधक विवेक मेश्राम, कलेक्टर स्टेनो धनेंद्र बिसेन, कृषि विभाग के सहायक संचालक राजेश खोब्रागड़े, ब्रिज निगम के एसडीओ अर्जुनसिंह सनोडिया, सीसीबी के प्रबंधक जोशी, एसएलआर वंदना कुसराम, समाजिक न्याय विभाग की नूपुर झा, जिला योग अध्यक्ष तपेश असाटी,अभय सेठिया, रोटरी क्लब सचिव आशीष मिश्रा सहित अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। मंच संचालक क्षेत्रीय संचार ब्यूरो के अजय बैंस ने किया।

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