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वल्र्ड ओरल हेल्थ डे के अवसर पर, लिस्टेरिन ने कंप्लीट द रूटिन के लिए माउथवॉश के महत्व पर जोर दिया

 

रायपुर। दुनिया में 1 माउथवॉश ब्रांड और माउथवॉश उद्योग में अग्रणी, लिस्टेरिन ने वल्र्ड ओरल हेल्थ डे के अवसर पर ‘लिस्टेरिन लैब्स’ का आयोजन किया। इस इवेंट में प्रतिदिन माउथवॉश की मदद से मुँह को साफ रखने के महत्व पर जोर दिया गया। यहाँ पिछले 145 वर्षों से माउथवॉश के अनुसंधान और विकास में लिस्टेरिन की महत्वपूर्ण विरासत के बारे में भी बताया गया।
लिस्टेरिन लैब्स में अनेक इंटरैक्टिव डेमो और वैज्ञानिक प्रयोगों द्वारा ओरल केयर के बारे में बताया गया। यहाँ दिखाया गया कि ब्रश करने के बाद भी आपके मुँह में क्या रह जाता है। एक ‘माउथवॉश कस्टमाइज़ेशन’ स्टेशन द्वारा ब्रांड के आधुनिक उत्पादों और इनोवेशंस का प्रदर्शन भी किया गया, जो कीटाणुओं का 99.9′ सफाया कर इनेमल को मजबूत बनाते हैं और दांतों को कैविटी एवं प्लाक से बचाते हैं। ये उत्पाद विज्ञान पर आधारित हैं। इस इवेंट में प्रमुख हेल्थ इन्फ़्लुएंसर्स भी मौजूद थे। कार्यक्रम में एक दिलचस्प पैनल वार्ता का आयोजन भी किया गया, जिसमें इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) के सदस्यों में ऑनरेरी सेक्रेटरी जनरल, आईडीए एचओ, डॉ. अशोक ढोबले; ऑनरेरी ट्रेजऱर, आईडीए एचओ, डॉ. दीपक मुछाला; जॉइंट सेक्रेटरी, आईडीए एचओ, डॉ. संजय जोशी तथा केनव्यू आरएंडडी टीम ने हिस्सा लिया। इस वार्ता में मुँह की देखभाल के महत्व और उसमें माउथवॉश की भूमिका के बारे में चर्चा की गई। भारत और विश्व में भी खराब ओरल हेल्थ जनस्वास्थ्य की एक बड़ी समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक भारत में 95त्न से अधिक वयस्कों के दांतों में कैविटी है। पिछले साल हर 10 में से 6 वयस्क डेंटिस्ट के पास नहीं गए। वहीं, हर 10 में से 8 बच्चों को ओरल हेल्थ की समस्या है। अधिकांश बच्चे दिन में दो बार ब्रश नहीं करते हैं, तथा पिछले साल हर 10 में से 7 बच्चे डेंटिस्ट के पास नहीं गए। 60′ अभिभावकों को अपने बच्चों की ओरल हेल्थ समस्याओं के बारे में मालूम ही नहीं है। ओरल केयर के बारे में ऑनरेरी सेक्रेटरी जनरल, इंडियन डेंटल एसोसिएशन एचओ, डॉ. अशोक ढोबले ने कहा, इंडियन डेंटल एसोसिएशन मुँह की पूरी देखभाल में माउथवॉश की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है। भारत में ओरल केयर के लिए लापरवाही बरती जाती है। कई वयस्कों और बच्चों को ओरल समस्याएं हैं, लेकिन फिर भी वो डेंटिस्ट के पास समय पर नहीं जाते हैं। इसलिए डेंटल केयर के बारे में जागरूकता बढ़ाया जाना आवश्यक है। ओरल केयर में माउथवॉश की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रमाणित करने वाले वैज्ञानिक अध्ययनों के बारे में केनव्यू इंडिया के सीनियर आर एंड डी डायरेक्टर, नागराजन रामसुब्रमण्यम ने कहा, ओरल केयर से जुड़ी कई भ्रांतियां हैं। कई लोगों का मानना है कि मुँह को साफ़ और स्वच्छ रखने के लिए ब्रश करना काफी है। लेकिन ब्रश से केवल मुँह का कुछ हिस्सा ही साफ होता है, इसलिए मुँह की समस्याएं हो सकती हैं। वहीं माउथवॉश से केवल साँस ही ताजा होती है। पर यदि प्रतिदिन ब्रश करने के साथ माउथवॉश का उपयोग भी किया जाए, तो मुँह का स्वास्थ्य बेहतर बन सकता है। लिस्टेरिन. में युकलिप्टोल, मेंथॉल, मिथाइल सैलिसिलेट और थाइमोल जैसे चार आवश्यक तेल होते हैं, जो छह महीने में प्लाक को 22.2 प्रतिशत और मसूड़ों की अन्य समस्याओं को 28.2 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। लिस्टेरिन के नई अभियान के बारे में केनव्यू के बिजनेस यूनिट लीडर-एसेंशियल हील, स्किन हेल्थ एंड ओरल केयर और मार्केटिंग डायरेक्टर, मनोज गाडगिल ने कहा, कैविटी, मसूड़ों की समस्या और बदबूदार साँस ग्राहकों की प्रमुख ओरल प्रॉब्लम्स हैं। भारत में मुँह की देखभाल के प्रति अक्सर लापरवाही बरती जाती है, क्योंकि इन समस्याओं का ज्यादातर इलाज संभव है। लिस्टेरिन में, हमारा उद्देश्य ग्राहकों को प्रतिदिन माउथवॉश का उपयोग करके अपनी ओरल केयर की दिनचर्या को पूर्ण करने की प्रेरणा देना है, ताकि वो कैविटी और मसूड़ों की समस्याओं से बचे रहें और मजबूत दांतों के साथ स्वस्थ जीवन जी सकें।

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