
बालाघाट,
गुरुदेव के नाम से प्रसिद्ध सम्यक अभियान के प्रमुख भास्कर राव रोकड़े ने बालाघाट जिला मुख्यालय में होटल कान्हा इन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि जातिगत जनगणना के बाद सबको समान अवसर देने हेतु सर्व-स्वीकार्य योजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। महात्मा गांधी ने भोपाल प्रवास के दौरान संदेश दिया था कि स्वतंत्रता के बाद रामराज्य स्थापित करने हेतु संगठित व समन्वित हो प्रयास करने होंगे। जिसके लिए सम्यक अभियान के तहत इंदिरा ज्योति अभियान के साथ-साथ “चले रामराज्य की ओर” नामक अभियान भी चलाया जाएगा।
भास्कर राव रोकड़े ने कहा कि मर्यादा-पुरुषोत्तम श्री राम ने आदर्श राजा के रूप में सर्व-स्वीकार्य शत-प्रतिशत समानतामूलक शासन व्यवस्था के प्रावधान बनाए थे। वे उन सभी प्रावधानों का पालन स्वयं करते थे तथा उन प्रावधानों का पालन करते हुए उन्होंने अकल्पनीय कष्टों व कठिनाइयों का सामना भी किया किंतु उन्होंने राजा व प्रजा के लिए नियम, व्यवस्था व प्रावधानों की अलग-अलग श्रेणियां नहीं बनाई। जिसके कारण उन्हें मर्यादा-पुरुषोत्तम के रूप में जाना व माना जाता है तथा आदर्श से भी आगे परमादर्श को उद्घाटित करती उनकी जीवन-गाथा को पढ़कर ही असाधारणता का आभास होने लगता है। जिसकी वजह से अवतारवाद की अवधारणा के अनुरूप उन्हें भगवान विष्णु के अवतार के रूप में धार्मिक जन-मान्यता प्राप्त हुई।
भास्कर राव रोकड़े ने कहा कि विश्व में आदर्श राजा के रूप में श्री राम को माना जाता है। लगभग सभी भाषाओं में श्रीराम के जीवन-दर्शन पर किताबें लिखी गई है। राम का भव्य मंदिर बना लेने मात्र से रामराज्य स्थापित नहीं किया जा सकता। राम मंदिर में पूजा करके चुनौती बनी समस्याओं का समाधान किसी करिश्में से संभव नहीं है। पराक्रम को सर्वोपरि मान्यता देने वाले श्रीराम के आदर्शो को अपनाकर समानतामूलक व्यवस्था स्थापित करने हेतु सामूहिक प्रयासों से ही रामराज्य स्थापित हो सकता है।
राम-पथ पर चलकर रामराज्य स्थापित करने हेतु संकल्पित प्रयासों की आवश्यकता है। देश में जातिगत जनगणना के उपरांत सबके लिए समान अवसर प्रदान हेतु कारगर पहल की गई तो निश्चित-रूप से हम महात्मा गांधी के रामराज्य स्थापित करने के स्वप्न को साकार रूप दे सकते है। “चले रामराज्य की ओर” अभियान के तहत जातिगत जनगणना के बाद समानतामूलक व्यवस्था के लिए बनाई गई योजना को प्रचारित व प्रसारित किया जाएगा।




