दुष्कर्म के सभी आरोपियों को भेजा गया जेल

बालाघाट,
पुलिस अधीक्षक बालाघाट नगेंद्र सिंह ने घटना की गंभीरता एवं संवेदनशीलता के चलते, त्वरित न्याय दिलाने हेतु अपराध को सनसनीखेज व जघन्य अपराध की श्रेणी में चिन्हित करते हुए, तत्काल प्रभाव से एक विवेचना टीम का गठन कर विवेचना फास्ट ट्रैक मे पूर्ण करने हेतु दिए निर्देश ।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण बलात्कार की घटना सामने आई, जिसकी जानकारी पुलिस को घटना के लगभग एक दिन बाद प्राप्त हुई । पुलिस अधीक्षक बालाघाट नगेंद्र सिंह ने इस संबंध में आमजन से अपील की है कि ऐसे जघन्य अपराधों की सूचना बिना किसी से डरें निःसंकोच तत्काल पुलिस को दें, जिससे समय पर कार्रवाई की जा सके और अपराधियों को कानून के दायरे में लाया जा सके। 25.04.25 को 17 वर्षीय बालिका ने अन्य बालिकाओं एवं परिजनों के साथ थाना हट्टा उपस्थित होकर उनके साथ घटित घटना के विषय मे सूचना दी गई । पुलिस थाना हट्टा मे सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर अविलम्ब सभी दोषिंयों के विरूद्ध धारा – 70 (1) ,70(2) , 351 (2) BNS 5/6 pocso Act Sc/ST act 3(1) (w,i), 3(2) (5),3 (2) (5) क का अपराध पंजीबद्ध किया गया ।
थाना हट्टा अंतर्गत 23.04.25 को शाम के वक्त 04 बालिकाए (01 बालिग 03 नाबालिग ) अपने एक चाचा के साथ , 04 किमी दूर दूसरे गांव की शादी समारोह मे सम्मिलित होने गयी थी । रात्रि लगभग 02 बजे सभी बालिकाएं चाचा के साथ अपने गांव घर वापस लौंट रही थी तभी रास्तें मे इसी शादी समारोह मे आए हुए 07 लडके, दो मोटरसाइकिल मे आए जिनके द्वारा बालिकाओं के साथ जा रहे चाचा को डरा धमकाकर भगा दिया गया तथा बालिकाओं के साथ बलात्कार की घटना की । सभी आरोपियों द्वारा बालिकाओं को घटना के विषय मे किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई ।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी हट्टा उनि अविनाश सिंह राठौर के नेत्रत्व मे गठित विवेचना टीम द्वारा रिपोर्टिंग के मात्र 03 घंटे उपरांत ही संभावित ठिकानों मे दबिस देकर सभी 06 आरोपी एवं 01 विधिविरूद्ध बालक को पुलिस अभिरक्षा मे लिया गया । जिनके विरूद्ध विधिवत कार्यवाही उपरांत न्यायालय पेश किया जा रहा है ।



