छत्तीसगढ़राज्य

सरकार के हर विभाग में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी हावी : दीपक बैज

 

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि क्रेडा में काम करने वाले ठेकेदारों और वेंडरों ने भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी को उजागर किया है। क्रेडा के ठेकेदारों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी द्वारा हर काम में 3 प्रतिशत कमीशन उगाही का आरोप लगाया है तथा कमीशन नहीं देने पर ठेकेदारों को परेशान किया जा रहा है। क्रेडा के ठेकेदारों का यह आरोप छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के सुशासन की असली तस्वीर है। प्रदेश के हर विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। बिना मोटे कमीशन के राज्य में कोई कार्य नहीं होता है। डेढ़ साल में भी सरकार और मंत्रियों का भ्रष्टाचार खुलकर सामने आने लगा है। मंत्री केवल कमीशन का हिसाब रखने में ही रूचि रखते है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा राज में भ्रष्टाचार इतना ज्यादा हावी हो चुका है कि अब अधिकारी कर्मचारी अपने प्रमोशन के लिये सामूहिक रूप से चंदा इक_ा कर रहे है। खबर आई है कि तहसीलदार संघ के लोग कोड वर्ड में नारियल इक_ा करने की बात कर रहे। बताते है कि 1 लाख रू. एक अधिकारी से लिया जा रहा ताकि सामूहिक रूप से सभी का प्रमोशन हो, यह भी बताया जा रहा कि मंत्रिमंडल के बैठक के पहले राशि ऊपर तक पहुंचाया जाना है। यह खबर बताती है कि पूरी सरकार भ्रष्टाचार में डूबी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यूपीएससी की तर्ज पर भर्ती परीक्षायें आयोजित करने का वादा करने वाली भाजपा के राज में एक भी परीक्षा निष्पक्ष और मानदंडों को पूरा करके नहीं ली जा रही। हाल ही में समग्र शिक्षा विभाग में ठेका कंपनी के माध्यम से भर्ती निकाली गयी। ठेका कंपनी ने तीन दिन में ही पूरी प्रक्रिया पूरी करके 40000 आवेदनों की स्क्रूटनी करके 1300 की भर्ती कर लिया यह कैसे संभव है, साफ है कि इस पूरे मामले में लेनदेन हुआ है। यह नहीं भ्रष्टाचार करने वालों ने बचाव का रास्ता भी पहले से तैयार कर लिया। सभी अभ्यर्थियों से 10 रू. के स्टाम्प पेपर में किसी भी प्रकार के लेनदेन नहीं होने का शपथ पत्र लिया गया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केरल भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के बयान तथा केरल भाजपा की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट हो गया कि दुर्ग में ननों की गिरफ्तारी गलत थी। भाजपा सरकार ने आरएसएस और बजरंग दल के एजेंडे पर प्रदेश में धर्मातरण का झूठा हव्वा खड़ा करने तथा बहुसंख्यको के ध्रुवीकरण करने के उददेश्य में यह कार्यवाही किया। ननो पर मानव तस्करी का आरोप लगाया गया है जबकि जो तीन महिलायें उनके साथ जा रही थी वे सभी बालिग है तथा अपनी सहमति से नौकरी के लिये जा रही थी, इस कार्यवाही से यह भी साफ हो रहा कि प्रदेश में संविधान का राज समाप्त हो गया है। सरकार अपने राजनैतिक एजेंडे के लिये किसी को भी परेशान कर सकती है।

Related Articles

Back to top button