मध्यप्रदेशराज्य

कलेक्टर ने ली थोक एवं रिटेलर उर्वरक विक्रेताओं की बैठक

पीओएस मशीन से उर्वरक का वितरण नहीं करने पर होगी सख्त कार्यवाही

 

बालाघाट| कलेक्टर मृणाल मीणा ने जिले के थोक एवं रिटेलर उर्वरक विक्रेताओं की बैठक लेकर उर्वरक वितरण की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में उपसंचालक कृषि फुलसिंह मालवीय, राजेश खोबरागढ़े एवं उर्वरक विक्रेता उपस्थित थे।

कलेक्टर मृणाल मीणा ने थोक विक्रेताओं से कहा कि वे अपनी आईडी से ही पीओएस मशीन के माध्यम से रिटेलर विक्रेताओं की आईडी में उर्वरक का विक्रय करें। जिले में किसानों को उर्वरक का वितरण पीओएस मशीन के माध्यरम से अनिवार्य रूप से किया जाए। कुछ विक्रेताओं द्वारा पीओएस मशीन के माध्यम से उर्वरक का किसानों को विक्रय नहीं किया गया है जिसके कारण ऑनलाईन जिले में उर्वरक की उपलब्धता दिखायी जा रही है। जिससे जिले को उर्वरक की रैक मिलने में समस्या आ सकती है। अत: सभी रिटेलर विक्रेता किसानों को पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक का वितरण सुनिश्चित करें। उर्वरक का विक्रय शासन द्वारा निर्धारित दाम पर ही किया जाना है। किसानों से अधिक दाम लिये जाने पर विक्रेता के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।

कलेक्टर मृणाल मीणा ने बैठक में कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा उर्वरक विक्रेताओं को प्रतिष्ठाानों की जॉंच की जाएगी। जॉंच के दौरान पीओएस मशीन के रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्धर उर्वरक के स्टॉ क में अंतर पाये जाने पर संबंधित विक्रेता के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी।

बैठक में उपसंचालक फूलसिंग मालवीय ने बताया कि वर्तमान में पीओएस मशीन एल-0 के माध्यम से उर्वरक का विक्रय किया जा रहा है। 01 जुलाई से उर्वरक का विक्रय पीओएस मशीन एल-01 के माध्य म से अनिवार्य रूप से करना है। जिले में कहीं पर भी उर्वरक की कालाबाजारी या जॉंच में स्टॉक के सत्यापन में अनियमितता पायी जायेगी तो उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

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