मध्यप्रदेशराज्य

पहलगाम घटनाक्रम को लेकर चारो खूंट बंद बालाघाट

 

बालाघाट,

कश्मीर के पहलगाम में हुए घटनाक्रम को लेकर आज बालाघाट में बंद आयोजन किया गया। जो की पूर्णतः सफल रहा। हालांकि जिले के कुछ ब्लॉकों में भी बंद को समर्थन देकर बंद रखा गया। बंद का व्यापक असर रहा। इस दौरान अति आवश्यक सेवाओं जैसे पेट्रोल पंप मेडीकल, अस्पताल और बस सेवाओं को बहार रखा गया था l जिससे ये सभी चालू रहे। बंद के कारण कोई प्रतिष्ठान नहीं खुला। बंद का आह्वान सकल हिंदु समाज और चेम्बर ऑफ कामर्स के बेनर तले सभी व्यापारियों ने संयुक्त रूप से किया था। इस दौरान शहर में विशाल रैली निकालकर काली पुतली में एक सभा का आयोजन किया गया और मृतकों को श्रृद्धांजली अर्पित की गई। साथ ही आतंकवाद का पुतला दहन किया गया। शाम में हनुमान चौक स्थित हनुमान मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा के पाठ किया गया।

इस अवसर पर सभी ने भारत सरकार से पाकिस्तान परस्त आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का आह्वान किया गया। बता देवें कि विगत दिवस जम्मु कश्मीर के पहलगाम में जहां पर पर्यटक ठहरे हुये थे उन पर आतंकियों द्वारा हमला किया गया था। जिससे 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। इस घटनाक्रम के पश्चात देश में सभी तरफ आक्रोश का माहौल हैं और आतंक को पनाह देने वाले पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग जोर पकड़ते जा रही हैं। पहलगाम की घटनाक्रम को लेकर प्रतिदिन विविध सामाजिक संगठन व अन्य सभी सामने आकर विरोध कर रहे और कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। कैंडल मार्च, मशाल यात्रा सहित कई तरह के प्रतिकात्मक विरोध जताया जा रहा हैं।

इसी के तहत बालाघाट में भी आज 26 अप्रैल को बालाघाट बंद का आह्वान किया गया था। सकल हिंदु समाज और व्यापारिक संगठनों ने संयुक्त रूप से बैठक कर बंद का आह्वान किया था। बंद का व्यापक असर रहा। सुबह से ही किसी भी लोगों ने अपने प्रतिष्ठान्न को नहीं खोला। जिससे सभी दुकानों में तालाबंदी रहीं। छोटे से लेकर बड़े कारोबारियों ने भी दुकानें नहीं खोली। बंद को व्यापक तौर पर समर्थन दिया गया। बंद के मददेनजर हिंदुवादी संगठन के कुछ लोग शहर में भ्रमण पर भी निकले और बंद को सहयोग देने का आह्वान किया गया। अमूमन छोटे प्रतिष्ठान चाय व नाश्ता की दुकान खुल जाती रही है पर इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। लोग चाय व नाश्ता से वंचित रहे और सुबह से उन्हें किसी भी स्थान पर खाने की सामान तक नहीं मिली। इस बंद के कारण शहर का तमाम क्षेत्र में सन्नाटा की स्थिति रही।

इस दौरान अति आवश्यक सेवायें मेडीकल, अस्पताल, पेट्रोल पंप और बस परिवहन सेवा को छुट दी गई थी। जिसके चलते ये सभी संचालित होते रहे। बावजूद यात्रियों की संख्या कम होने से बहुत ही कम बसों का आवागमन जारी रहा। बल्कि आटो व आटो रिक्शा चालकों को सवारी लाने व लेजाने के लिये अधिक सवारियां उपलब्ध हुई। दूसरी ओर स्कूलों को भी छूट थी। बावजूद कुछ स्कूलों का सुबह की पाली में संचालन रहा और बच्चें अपनी स्कूल पहुंचें थे। बंद शांतिपूर्ण रहा। बंद को देखते हुये सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। शहर के हर चौक व चौराहे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस के साथ ही राजस्व अधिकारियों द्वारा शहर भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया गया।

   बंद शांतिपूर्वक होने से प्रशासन को भी मामले में राहत रही। वही बंद आयोजकों ने इस अवसर पर काली पुतली चौक में सभा का आयोजन किया। जिसमें मृतकों को श्रृद्धांजली अर्पित की गई।

विहिप के लालू चावड़ा, अभय सेठिया, महेंद्र सुराना सहित कई पदाधिकारियों ने पहलगाम घटनाक्रम को लेकर आक्रोश जताते हुये भारत सरकार से मामले में सख्त कार्यवाही करने की मांग की गई। इस बात को लेकर भी नाराजगी जतायी गई कि धर्म पूछकर आतंकी हमला किया गया हैं जो हिंदु समाज के लिये जागृत होने का विषय हैं। उन्होने कहा कि हम सभी को मिलकर आतंकवाद की खिलाफत करनी चाहिए और भारत सरकार के हर कार्यवाही में सहयोग की बात कही गई। मृत सभी पर्यटकों को श्रृद्धांजली अर्पित की गई। वही इस दौरान आतंकवाद का पुतला दहन किया गया।

ज्ञात हो कि बालाघाट शहर के अलावा जिले के लालबर्रा, कटंगी, परसवाड़ा, बैहर, लांजी, किरनापुर सहित अन्य स्थानों पर भी बंद का आह्वान किया गया था। जिसका व्यापक असर रहा। बंद को सभी वर्ग ने समर्थन दिया। जिसके चलते यह बंद पूरी तरह से सफल रहा। सुबह से लेकर शाम तक बंद रहा। वही बंद आयोजको ने मिले इस बंद को सहयोग के लिये सभी के प्रति आभार जताया गया।

इस अवसर पर नपाध्यक्ष भारती ठाकुर, पूर्व नपाध्यक्ष रमेश रंगलानी, सुरेश सोनी, डॉक्टर बी.एम. शरणागत, मौसम बिसेन, पुरनसिंग भाटिया, दिलीप कालड़ा, सुनील छाबड़ा, राजेन्द्र अग्रवाल, कपिल शास्त्री, विहिप अध्यक्ष लालू चावड़ा, नगर संयोजक बाबी मिश्रा, अमित पांडे, अनिल प्रेमचंद शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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