फरखंदा कुरैशी ने UPSC परीक्षा में 67वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनने का सपना किया साकार

अजय ढोक बालाघाट,
बालाघाट की फरखंदा कुरैशी ने UPSC परीक्षा में 67वीं रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया है। यह उनका चौथा प्रयास था।
फरखंदा ने भूगर्भ शास्त्र में स्नातक करने के बाद 2019 से UPSC की तैयारी शुरू की। उन्होंने कोविड से पहले दिल्ली में 6 महीने की कोचिंग की। महामारी के दौरान वह घर लौट आईं और ऑनलाइन अध्ययन जारी रखा।
फरखंदा रोजाना 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। उन्होंने समाचार पत्र और ऑनलाइन स्टडी मटेरियल से तैयारी की। तीसरे प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंची थीं, लेकिन अंतिम सूची में नाम नहीं आया। इससे हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में सफलता हासिल की।
UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों को फरखंदा की सलाह है कि प्री-लिम्स और मेंस के उत्तरों के साथ टॉपर्स का स्टडी मटेरियल देखें। यह लक्ष्य के लिए बेंचमार्क तय करने में मदद करता है। उन्होंने सिलेबस को स्टडी रूम की दीवार पर चिपकाकर फोकस बनाए रखने की सलाह दी।
अधिवक्ता अब्दुल मलिक कुरैशी और निकहत अंजुम कुरैशी की बेटी फरखंदा की इस सफलता से पूरा परिवार खुश है। पिता के अनुसार बेटी की सफलता से अब वह उनके नाम से जाने जाएंगे, जो उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।
तत्कालीन कलेक्टर बी. चंद्रशेखर को देखकर हुई प्रेरित फरखंदा, बताती है कि लोकल न्यूज चैनल में बालाघाट के तत्कालीन कलेक्टर बी. चंद्रशेखर की कार्यप्रणाली को देखकर, उसने आईएएस बनने की प्रेरणा ली। जिसमें परिवार ने पूरा सहयोग किया। टॉपर रही है फरखंदा ने 10 वीं की सीबीएसई की परीक्षा में सीजीपीए ग्रेड हासिल की थी तो वह 12 वीं में 92 प्रतिशत अंक हासिल कर, टॉप रही थी। इसके अलावा उन्होंने भूगर्भ शास्त्र से स्नातक किया है और वर्तमान में वह भूगर्भशास्त्र से ही एमए कर रही है।




