बम्हनी के नाली निर्माण में भ्रष्टाचार
आरटीआई नियमों की उड़ी धज्जियां सचिव ने आधा-अधूरा जवाब पेश किया

बालाघाट| ग्राम पंचायत बम्हनी और जनपद पंचायत लालबर्रा में आरटीआई एक्ट की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। एक साधारण ग्रामीण लक्ष्मण तुमसरे द्वारा मांगी गई जानकारी महीनों बीतने के बाद भी न तो पूरी दी गई और न ही दोषी पंचायत सचिव पर कोई कार्यवाही हुई। यह मामला न केवल आरटीआई कानून की अवहेलना है,बल्कि यह पंचायत व्यवस्था में गहराई तक फैले प्रशासनिक भ्रष्टाचार की जड़ें भी उजागर करता है।
नाली निर्माण में घपले की बू, अधूरा काम –पूरा भुगतान
लक्ष्मण तुमसरे ने 3 दिसंबर 2024 को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत पंचायत सचिव एवं लोक सूचना अधिकारी बसंत चौरे को आवेदन देकर वर्ष 2022-23 में कराए गए नाली निर्माण कार्य की समस्त प्रमाणित जानकारी मांगी थी। यह निर्माण पूर्व सरपंच वासुका पति तिलकराम अंगुरे के कार्यकाल में हुआ था। लक्ष्मण का आरोप है कि नाली निर्माण कार्य अधूरा है,बावजूद इसके पूरी राशि निकाल ली गई है और इसी वजह से दस्तावेज छुपाए जा रहे हैं।

पंचायत सचिव बसंत चौरे कर रहे हैं खुला खेल
ना तो निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और ना ही बाद में की गई पहली अपील के बाद कोई संतोषजनक कार्यवाही हुई। खंड पंचायत अधिकारी द्वारा 5 फरवरी, 10 फरवरी, 15 फरवरी एवं 18 फरवरी 2025 को पेशी में बुलाया गया,जहां बार-बार पेशी में उपस्थित होने के बावजूद पंचायत सचिव बसंत चौरे एक बार भी नहीं पहुंचे। यह सीधे-सीधे नियमों की अवहेलना और आरटीआई की भावना के साथ धोखा है।
जानबूझकर आधी-अधूरी जानकारी भेजी गई, फिर कहा “अब कुछ नहीं मिलेगा
लक्ष्मण तुमसरे को डाक के माध्यम से केवल प्रशासकीय स्वीकृति,तकनीकी स्वीकृति और मस्टरोल की जानकारी दी गई, लेकिन महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे – प्राकलन, बिल बाउचर, माप पुस्तिका, कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र और केशबुक की प्रमाणित प्रतियां आज दिनांक तक नहीं दी गईं। जब शिकायतकर्ता ने यह बात खंड पंचायत अधिकारी को बताई तो जवाब था – “अब तुम्हें कुछ नहीं मिलेगा, जहां शिकायत करनी हो, कर दो!” — यह बयान न केवल गैर जिम्मेदाराना है, बल्कि भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाला है।
सीएम हेल्पलाइन भी बनी मजाक, मनमर्जी से बंद की शिकायत
थक-हारकर लक्ष्मण ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 27361287 दर्ज कराई,लेकिन संबंधित अधिकारी ने शिकायत का निराकरण किए बिना ही उसे बंद कर दिया। यह सरकार के ‘जनसुनवाई’ और ‘RTI जवाबदेही’ तंत्र पर गहरा सवाल है।
जनपद पंचायत लालबर्रा और पंचायत सचिव के खिलाफ आक्रोश
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि लालबर्रा जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत बम्हनी में जवाबदेही नाम की कोई चीज नहीं बची है। पंचायत सचिव बसंत चौरे एक ओर आरटीआई कानून का मजाक बना रहे हैं, वहीं जनपद पंचायत अधिकारी उनकी हिफाजत में खड़े हैं। इससे स्पष्ट है कि यह केवल एक सचिव नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की संगठित लापरवाही और भ्रष्टाचार की कहानी है।
निर्माण कार्यों की जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग
जनता और जागरूक नागरिकों की मांग है कि सूचना के अधिकार के तहत निर्धारित जानकारी न देने पर पंचायत सचिव बसंत चौरे को तत्काल निलंबित किया जाए, इस मामले में संलिप्त जनपद पंचायत लालबर्रा के अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच हो, अधूरे नाली निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराकर दोषियों पर एफआइआर दर्ज हो तथा आरटीआई आवेदक लक्ष्मण तुमसरे को पूर्ण जानकारी तत्काल दी जाए।



