मध्यप्रदेशराज्य

खेतों तक पानी पहुंचाने की प्रशासनिक रणनीति के बावजूद फसलों की सिंचाई में रोडा बन रही लो वोल्टेज समस्या

किसानों ने बिजली विभाग को लिया निशाने पर किया चकाजाम व धरना प्रदर्शन

 

बालाघाट| रबी सीजन में लगी धान की फसल की सिचाई हेतू पानी ना मिलने से जिले के चंतु ओर कोहराम मचा हुआ है। पानी के अभाव में किसानो की फसल सूख गई है और जिन फसलों में अब तक हरियाली छाई हुई थी, वह भी प्रभावित होकर पीली पहने लगी है। जहां पानी के अभाव में फसलों पर पड रहा यह दुष्प्रभाव किसानो को भारी नुकसान में डाल रहा है। दरअसल, रबी में किसान धान की फसल इसलिये लगाता है ताकि उसकी आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार आ सके। साथ ही रबी में धान का उत्पादन भी अधिक होता है। लेकिन इस बार किसानों की फसले पानी के अभाव में दम तोड रही है। जहां किसानो का कहना है कि इस बार कुदरत और प्रशासन दोनो छोर से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है और फसलो पर हो रहा नुकसान हमारा पसीना निकाल रहा है। बात दे कि बीते कुछ दिनो से वारासिवनी, खैरलांजी और कटंगी क्षेत्र के किसानों को फसलो को लेकर चिंता खूथ सता रही है। पानी के अभाव में फसल सूखने से एक तरफ किसान स्वत-ही परेशान है, तो दूसरी तरफ बिजली विभाग भी बिजली में कटौती कर रहा है। साथ ही लो-वोल्टेज की समस्या जख्मों पर नमक रगड़ रही है। नहर सूख गये है और पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे किसान अब पूरी तरह बौखला उठे है। जहां किसानो ने बुधवार को तीनटोला नवेगांव में चकाजाम प्रदर्शन कर दिया गया। जानकारी यह निकलकर सामने आई कि लो-वोल्टेज की समस्या होने के कारण किसान फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे है और इसे लेकर ही किसानो ने अब बिजली विभाग पर ठिकरा फोडते हुए आक्रोश जताया है। जहां दर्जनों ग्राम के किसानों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। वही उनके प्रदर्शन को क्षेत्र के विधायक विवेक पटेल ने भी अपना समर्थन दे दिया है। तीनटोला नवेगांव में किसानों द्वारा किये गये विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम से घंटो तक आवागमन बाधित रहा। जहां किसानो ने वारासिवनी, डोंगरमाली, बेनी, सतोना मार्ग बंद कर दिया। प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर एसडीएम और पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और किसानो को समझाईश देने का प्रयास किया गया। लेकिन उनके बीच बात नही चनी और किसान अपनी मांग पर अडिग रहे। उन्होंने लो वोल्टेज की समस्या का निराकरण करने व नहर के माध्यम से खेतो तक पानी पहुंचाने की मांग की। इसके अलावा किसानी से मुझड़ वितरण नहर को खड़कपुर मुख्य नहर से जोड़े जाने की भी मांग रखी।

किसानो ने बताया कि समय पर पानी ना मिलने व पर्याप्त सिचाई ना मिलने से क्षेत्र की लगभग 400 एकड़ भूमि में लगी रबी की धान की फसल सूखकर बर्बाद हो गई है, जिससे किसान मायूस और आक्रोशित है। उन्होंने समस्या का निराकरण ना होने पर जिला स्तर पर भी बड़ा आंदोलन किये जाने की चेतावनी दी है। यहां किसानो का मानना है कि यदि अभी पानी मिल जाये तो कुछ फिसदी फसल को बचाया जा सकता है और जो लागत हमें फसल बोवाई में लगी है, उससे सम्भवत वहीं निकल जायें। किसानों के प्रदर्शन में समर्थन देने पहुंचे विधायक विकी पटेल ने कहा कि बिजली विभाग अब अति कर रहा है। किसानो की चिंता से विभाग को कोई सरोकार नहीं है। बिजली देने का वादा करके भी पर्याप्त बिजली नही दी जा रही है। इसलिये गरीब किसान आज प्रदर्शन करने बाध्य है। कोई भ्रम में ना रहे कि हम राजनीति कर रहे है, यह कोई राजनैतिक पार्टी का मंच नहीं है। मुद्दा किसानो से जुडा है, इसलिये हम किसानो के साथ खड़े है। इधर, पानी को लेकर मचते बवाल को लेकर कलेक्टर मृणाल मीना ने जल संसाधन और कृषि विभाग के साथ जल प्रबंधन के लिए बैठक की। बैठक में कलेक्टर मीना ने कृषि विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर मई माह के पहले सप्ताह 7 मई तक नहरों के माध्यम से लक्षित क्षेत्र में अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए प्रबंधन के कार्यों की विभाग से रूपरेखा जानी। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए है कि बिना प्लानिंग से जल प्रदान करना गलत है। अब इंजीनियरिंग दृष्टिकोण के साथ उचित प्रबंधन कर 7 मई तक नहर के अंतिम छोर तक पानी उपलब्ध कराएंगे। राजीव सागर परियोजना के कार्यपालन यंत्री नागेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि महाराष्ट्र व मप्र की संयुक्त परियोजना से मप्र के पास डेम में 17 मार्च की स्थिति में 246 एमसीएम जल उपलब्ध है। परियोजना में लक्ष्य 3600 हेक्टेयर क्षेत्र में जल प्रदाय करना है। वैनगंगा सम्भाग अंतर्गत बुटी डेम के सम्बंध में कार्यपालन यंत्री योगेंद्र सिंह ठाकुर ने जानकारी दी और बताया कि भीमगढ़ डेम से रबी के लिए 78.70 एमसीएम जल दिया जाएगा। अभी सिवनी में नदी पर ब्रिज बनने से जल प्रवाह रोका गया है। कलेक्टर ने दोनों परियोजनाओं के कार्यपालन यत्रियो से आगामी समय के लिए रूपरेखा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में परियोजनाओं का लक्ष्य तथा जिले में फसलों के रकचे की स्थित्ति और भी विचार किया गया।
कलेक्टर मृणाल मीना ने निर्देश दिए है कि अब से 7 मई तक विभाग दल गठित कर क्षेत्र में निगरानी के लिए योजना बनाकर कार्य करें। निगरानी रात्रिकालीन भी आवश्यक रूप से करें। इसके अलावा किसानों के साथ चौपाल आयोजित कर व्यवस्थित रूप से संवाद करेंगे। इसमें कृषि विभाग का अमला भी शामिल होगा। जो धान की फसल के स्थान पर गेहूं तथा मूंग या मका बुवाई के लिए आवश्यक सलाह मशवरा करेगा। वहीं अवैध पम्म कनेक्शन पर तुरंत कार्यवाही प्रारम्भ करेंगे। कलेक्टर ने विभाग को कहा कि नहरों में अवैध रूप से पम्प लगाकर जल लेने वाले कनेक्शन 5 दिनों में हटाये। इसके लिए एमपीईबी से लगातार समन्वय करें। कार्यपालन यंत्री ने 800 कनेक्शन अवैध रूप से लगाने की जानकारी दी गई। परियोजना से कुल 1200 कनेक्शन से जल प्रदाय किया जाना है। वही वैनगंगा कार्यपालन यंत्री ठाकुर ने बताया कि गुरुवार शाम तक भीमगढ़ डेम से पानी प्रदाय करना प्रारम्भ हो जाएगा। जिससे जल प्रदान करने में सुविधा होगी।
ज्ञात हो कि सिवनी में ब्रिज निर्माण के कारण पानी रोक दिया गया था। कलेक्टर श्री मीना द्वारा किये गए हस्तक्षेप के पश्चात जल प्रदान करने की प्रक्रिया सफल हुई।

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