भदन्त कुसलचित्त ने की पंचशील विहार की सुसज्जा और मूर्ति के लिए दान की अपील

बालाघाट।
जिला मुख्यालय बालाघाट स्थित पंचशील बुद्ध विहार समता भवन बूढ़ी बालाघाट में वर्षावासरत पू.भंते कुसलचित्त ने 24 जुलाई अमावस्या उपोसथ कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित उपासकों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचशील बुद्ध विहार बूढ़ी की समिति रमाताई महिला बौद्ध संघ बालाघाट द्वारा विहार मे भगवान बुद्ध की 6.5 फिट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा लगाने एवं बुद्ध विहार की सुसज्जा का निर्णय लिया गया है।
समिति द्वारा उन्हें उपरोक्त निर्णय से अवगत कराया गया जिसमे सीसीटीव्ही कैमरा लगाने, अशोक स्तम्भ स्थापित करने, विहार की दीवार पर पंचवर्गीय भिक्खु पेंटिंग बनवाने, भिक्षु निवास में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार समेत अनेक कार्य शामिल है। वर्षावास समापन के अवसर पर संघदान, भोजनदान कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाना है। समिति द्वारा कम से कम 2 हजार की दान राशि के सहयोग का निर्णय लिया गया है।
पू.भंते ने संबोधित करते हुए कहा कि उपरोक्त कार्य आवश्यक हैं। आप सभी को मुक्त हस्त राशि दान करनी चाहिए। निर्धारित राशि से भी अधिक दान कर अपनी दान पारमिता पुष्ठ करें।पंचशील बुद्ध विहार बूढ़ी बालाघाट का सबसे पुराना विहार है।बौद्ध समाज की सभी गतिविधियों का संचालन यहां से किया जाता है। यह विहार संपूर्ण जिले के बौद्ध समाज के लिए आस्था एवं समुदायिकता का केंद्र है। समाज के जिला स्तरीय कार्यक्रम यहीं से संचालित होते हैं। दूर-दूर से वर्ष भर विहार मे पूज्य भिक्खू एवं भिक्खुनी संघ का आगमन होता है। जिस वजह से संघ के दर्शन एवं धम्मदेसना का अवसर जिले वासियों को प्राप्त होता है।महिला संघ के पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिमा के लिए नागपुर मे ऑर्डर कर दिया गया है। वर्षावास काल में प्रतिमा प्राप्त हो जाएगी एवं भव्य समारोह पूर्वक प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। महिला संघ पदाधिकारियो ने उपसको से इस पुनीत कार्य के लिए हस्त मुक्त दान देकर सहभागी होने की अपील की है। बुद्ध प्रतिमा भगवान बुद्ध के जीवन, शिक्षाओं और निर्वाण का प्रतिनिधित्व करता हैं।



