
भाटापारा। जीवनदायिनी शिवनाथ नदी बरसात के आरंभ होने के बाद भी इस नदी का धारा प्रवाह रुका हुआ है व कई जगह नदी सूखा भी दिख रहा है पहले के समय मे बरसात मे नदी कलकल करती धारा के साथ बहती थी परंतु आज के परिदृश्य जुलाई माह के लग जाने के बावजूद ऐसा नही देखा जा रहा है इस मौसम मे जिस नदी के किनारे मवेशी घास चरते नजर आते थे आज वही इस भरे बरसात के सीजन मे नदी के बीचों बीच विचरण करते देखे जा सकते है।
शिवनाथ नदी का अस्तित्व को खतरा, दोहण व शोषण मुख्य कारण
गौरतलब है कि सन 2025 के इस भीषण गर्मी मे शिवनाथ नदी पूरी तरहा से चुकी थी जो कि बुजुर्गों से जानकारी लेने पर बताया गया कि शिवनाथ नदी मे सूखे कि ऐसे बुरी स्थिति हमने कभी नही देखी थी जो आज के समय मे देखना पड रहा है गौरतलब है कि शिवनाथ नदी का उदगम स्थल महाराष्ट्र के गढचिरौली जिला है यहाँ से बहते हुये हुये बलौदाबाजार जिले के शिवनारायण के महानदी मे समाहित होता है सदियों से यह जीवनदायिनी नदी जीव जंतु प्रकृति मानव जगत जीवन देती है परंतु लगातार इनके दोहण व शोषण के कारण यह नदी अपने अस्तित्व कि लडाई लड रही है।




