छत्तीसगढ़राज्य

जल, जंगल, जमीन एवं खनिज संपदा अडानी को सौंपने की लगी होड़ : भूपेश बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तमनार में वन कटाई का निरीक्षण किया, प्रभावितों से मिले

 

रायगढ़ । पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 से अधिक विधायको और कांग्रेसजनों के साथ रायगढ़ के तमनार पहुंचकर वहां पर अडानी समूह को फायदा पहुंचाने जंगल की अधाधुंध कटाई का निरीक्षण किया तथा पुलिस बर्बरता के शिकार ग्रामीणों से मुलाकात किया तथा ग्रामीणों के आंदोलनो का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जल, जंगल, जमीन एवं खनिज संपदा को अडानी को सौंपने की होड़ लगी है। भाजपा सरकार बंदूक की नोक पर जंगल कटवा रही है। ग्राम सभा की अनुमति के बगैर पेड़ काट कर उत्खनन शुरू किया जा रहा है। विरोध कर रहे आदिवासियों का कहना है उनके ऊपर अत्याचार किया जा रहा। यह सरकार आदिवासियों के अधिकारों को दबा कर एक निजी उद्योगपति अडानी को कोल माइंस सौपना चाहती है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के दबाव में राज्य के कोल उत्खनन की बंदरबांट शुरू हो गयी है। भाजपा सरकार अडानी के हितों को सवंर्धित करने के लिये राज्य के जल, जंगल, जमीन खनिज संपदा को अडानी को सौंपना शुरू कर दिया गया है। इसके पहले भाजपा की सरकार बनी हसदेव अरण्य क्षेत्र में वनों की अंधाधुंध कटाई शुरू की गयी थी। 50 हजार से अधिक पेड़ काटे जा चुके है। यहां पर कटाई के लिये आदेश और पर्यावरण स्वीकृत केंद्र की मोदी सरकार ने दिया था तब कांग्रेस सरकार ने इस स्वीकृति को राज्य के स्तर पर निरस्त कर दिया था तथा केंद्र में भी इसे निरस्त करने के लिये पत्र लिखा था। 31.10.2022 को इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर सचिव ने भारत सरकार के वन महानिरीक्षक को पत्र लिखकर परसा ओपन कास्ट कोल माईंस कोल उत्खनन पर प्रतिबंध लगाने तथा वन कटाई के प्रस्ताव को निरस्त करने को कहा था। विधानसभा से भी कांग्रेस सरकार ने इस आशय का प्रस्ताव पारित करवा कर केंद्र को भेजा था कि हसदेव अरण्य क्षेत्र की सभी कोल खदानों को निरस्त किया जाये। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में 27 जुलाई 2022 को प्रस्तावित प्रस्ताव पारित कर हसदेव अरण्य, तमोर पिंगला और कोरबा के हाथी रिजर्व क्षेत्र के वनों में कोल ब्लॉक आवंटन रद्द करने का संकल्प लिया था। इस दौरान मोदी सरकार के कोयला मंत्री ने रायपुर आकर यह भी कहा कि जहां पर कोल बेयरिंग एक्ट लागू होता है वहां पेसा कानून के प्रावधान लागू नहीं होते किसी के आपत्ति या सहमति से कोल खनन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा मोदी सरकार उस क्षेत्र में भी कोयले का खनन जारी रखेगी। राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद अडानी को फायदा पहुंचाने हसदेव से लेकर तमनार तक पेड़ों की कटाई शुरू हो चुकी है।

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