छत्तीसगढ़राज्य

निजी स्कूल संचालको और जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर पर जल्द एआईआर दर्ज करवाऊंगा : विकास तिवारी

रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी विजय खंडेलवाल पर कार्यवाही की हुई अनुशंसा

रायपुर। राजधानी रायपुर और प्रदेश के लाखो छात्रों के भविष्य के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी और निजी स्कूल संचालको की मिली-भगत के कारण उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

सीजी बोर्ड के मान्यता प्राप्त निजी स्कूल जहा कक्षा पहली से कक्षा दसवी तक हिंदी/इंग्लिश मीडियम के सरकारी/ प्राइवेट स्कूलों में पाठ्य पुस्तक सभी छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क प्रदान किया जाता है, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी और प्राइवेट स्कूल संचालको की मिली-भगत और भ्रष्टचार के कारण नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक छात्रों को नहीं दिया जाता है और प्राइवेट स्कूल संचालको द्वारा महँगी और अतिरिक्त सिलेबस वाले पुस्तकों को छात्रों को बेचा जा रहा है इन पुस्तकों को प्रदेश के शिक्षा विभाग द्वारा अनुमोदित भी नहीं किया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने पिछले साल राजधानी रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल प्राइमरी विंग शंकर नगर, कृष्णा किड्स एकेडमी मोहबा बाज़ार, कृष्णा किड्स एकेडमी मोवा, कृष्णा किड्स अवंती विहार, कृष्णा किड्स एकेडमी टाटीबंध, कृष्णा जूनियर डुंडा, केपीएस किड्स भाटागाव, कृष्णा पब्लिक स्कूल आरंग, कृष्णा पब्लिक स्कूल नयापारा राजिम, कृष्णा किड्स जूनियर जीवन विहार कालोनी, श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल अम्लीडीह, श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल सरोना, केपीएस किड्स देवेन्द्र नगर रायपुर जो की कक्षा नर्सरी से कक्षा पांचवी और कक्षा आठवी तक संचालित है ये सभी सीजी बोर्ड के इंग्लिश मीडियम स्कूल है जिनमे पांच हजार से अधिक छात्र-छात्रा अध्ययन रत है इनमे से कोई ही स्कूल नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक शासन से नहीं लेता और न ही जिला शिक्षा अधिकारी इन फर्जी सीबीएसई स्कूलों पर कोई भी कार्यवाही करते है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि शिक्षा का क्षेत्र सेवा का है कमाई का नहीं नहीं लेकिन राजधानी रायपुर सहित पुरे प्रदेश में जिला शिक्षा अधिकारी और प्राइवेट स्कूल संचालको की मिली-भगत के चलते छात्रों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक नहीं दिया जाता है उन्हें महंगे और अतिरिक्त सिलेबस वाले गुणवत्ता विहीन पुस्तकों को खरीदने को मजबूर किया जा रहा है पिछले वर्ष की गयी लिखित शिकायत के बाद दो सदस्यी जाँच कमेटी बनाई गयी थी जिसके रिपोर्ट में साबित हुवा की उक्त निजी स्कूलों द्वारा शासन के द्वारा दी जाने वाली नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों को नहीं लिया गया है और गत आठ-दस वर्षो से छात्रों को महंगा और अतिरिक्त सिलेबस बेचा जा रहा है जो कि गैर कानूनी है। इस जाँच रिपोर्ट को विजय खंडेलवाल जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर द्वारा अपने उच्च कार्यालय को नहीं भेजा जा रहा है। जिसके कारण सत्र 2025-26 में भी इन स्कूलों में पढने वाले छात्रों को नि:शुल्क पुस्तक से वंचित किया जा रहा है इन स्कूलों द्वारा जबरिया छात्रों को स्कूल खुलने के पहले ही महँगी और गुणवत्ता विहीन पुस्तकों को बेचा जा चुका है। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि जल्द ही जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर और इन प्राइवेट स्कूल संचालको के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचना, ठगी की धाराओं के तहत पुलिस में प्रकरण दर्ज करवाया जायेगा।

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