मध्यप्रदेशराज्य

अवैधानिक रूप से क्लीनिक संचालित करने वाले सिबाजीत सरकार पर होगी कार्यवाही

 

अजय ढोक बालाघाट,

कटंगी के वार्ड-3 पाथरवाड़ा चौक में सिबाजीत सरकार के दवाखाने की सीएमएचओ डॉ. परेश उप्लव द्वारा गठित दल द्वारा 21 अप्रैल को जांच की गई। जांच के दौरान कई तरह की अनियमितता सामने आई है। अनिमितता पर विभाग ने कटंगी थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्र लिखा है। सीएमएचओ डॉ. उप्लव ने जानकारी देते हुए बताया कि गैर मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्रों के आधार पर चिकित्सकीय क्लीनिक संचालित कर एलोपैथिक चिकिस्ता पद्धति से चिकित्सा व्यवसाय करना पाया गया। सिबाजीत सरकार ने क्लीनिक में बंगाल की हायर सेकेंडरी एडुकेशन से पोलिटिकल सांइस, फिलासफी, एडुकेशन व इंग्लिश विषयो के साथ 1992-93 में हायर में परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ अन्य योग्यता वाली डिग्री रखी गई। इसके बाद 1999 जनवरी में जेईएच मेडिकल कॉलेज भोपाल से बीईएमएस उपाधि प्राप्त की। इनकी डिग्री (बैचलर ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) योग्यता अधिनियम-1973 के अध्याय 1 धारा-2 खंड (छ) के अनुसार मान्यता प्राप्त चिकित्सा योग्यता नही है। सिबाजीत सरकार द्वारा 10 मार्च 1999 में ही काउंसिल ऑफ इलेक्ट्रो होम्योपैथिक सिस्टम ऑफ मेडिसिन भोपाल से पंजीयन कराया गया।

जांच के दौरान दल ने क्लीनिक से पायी चिकित्सा व्यवसाय के यंत्र

सीएमएचओ कार्यालय से जारी पत्र अनुसार जांच के दौरान सिबाजीत सरकार दवाखाने से आयुर्वेदिक हर्बल औषधियां, इलेक्ट्रो होम्योपैथिक औषधियां, डिस्पोजल सीरीज कई तरह के क्रीम व ओइन्टमेंट सहित 02 डेन्टर मिरर,दांत परीक्षण किट,चिमटी पाये गए। इससे यह प्रतीत होता है कि इनके द्वारा रोगियों का एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति से व्यवसाय किया जा रहा है।

 डॉक्टर व मोबाइल नम्बर लिखा पाया गया

सीएमएचओ कार्यलय से प्राप्त जानकारी के अनुसार दवाखाने के टेबल पर रखी नेम प्लेट पर डॉ. सिबाजीत सरकार लिखा पाया गया। वही दीवार में लगी अलमारी के कांच पर लगे कागज के स्टिकर में भी डॉ. सिबाजीत सरकार मोबाइल नम्बर 7000385768 व 9893012403 पाया गया। मप्र चिकुत्सा शिक्षा संस्था (नियंत्रण) अधिनियम-1973 की धारा-7-ग के अनुसार डॉक्टर उस व्यक्ति के साथ लिखा जा सकता है। जिसे मान्यता प्राप्त चिकित्सा अहर्ता धारित करता है।

 दल में शामिल डॉक्टर

एक विशेष समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार पत्र के बाद सीएमएचओ डॉ. उप्लव द्वारा जांच दल गठित किया गया। इसमें जिला स्वास्थ्य एवं माहमारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. प्रदीप गेड़ाम, बीएमओ लालबर्रा डॉ. ऋत्विक पटले, सहायक ग्रेड-3 व प्रभारी नर्सिंग होम सेल के हेमंत बोहरे व एक अन्य कर्मचारी काशीराम खैरवार दल में शामिल होकर दवाखाने की जांच की।

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