इ.वी.एम. का जिन्न फिर बोतल के बाहर
भारत मुक्ति मोर्चा समेत चार संगठनों के 58 कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौप थाने में दीं गिरफ़्तारी


बालाघाटl ईवीएम का विरोध देश के विभिन्न राज्यों सहित अनेको जगहों पर व्याप्त है बहरहाल यह बात अलग है की इस विषय को संचार के विभिन्न माध्यमो में कितनी जगह मिलती या यह विषय संचार के विभिन्न माध्यमो में कितनी जगह बना पाता है l बालाघाट में बुधवार को भारत मुक्ति मोर्चा समेत चार संगठनों ने ईवीएम के उपयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के लोगों ने राष्ट्रपति के नाम कोतवाली एसआई नवीन कुमार पांडेय को ज्ञापन सौपा। इस दौरान 58 कार्यकर्ताओं ने थाने में गिरफ्तारी दी।
भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा और बुद्धिष्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के कार्यकर्ताओं ने कई मुद्दों को लेकर विरोध जताया। इनमें ईवीएम का बहिष्कार, जाति आधारित जनगणना की मांग, महापुरुषों की अवमानना का विरोध और महाबोधि महाविहार की मुक्ति शामिल थे।
मोर्चा के जिला प्रभारी रामदास ठवकर ने कहा ईवीएम से जनता के मताधिकार का हनन हो रहा है। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। ठवकर ने जाति आधारित जनगणना न कराने को पिछड़े वर्ग के संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने की साजिश बताया।
वक्फ संशोधन विधेयक वापस लेने की मांग
इसके साथ ही बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार को बहुजन समाज की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए 1949 के एक्ट को रद्द करने की मांग की। साथ ही वक्फ संशोधन विधेयक को संविधान के मूल सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए वापस लेने की मांग की। पुलिस ने सभी 58 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। उन्होंने आगे कहा बहुजन समाज के लोगों पर सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से लगातार अत्याचार किया जा रहा है, जिस पर रोक लगाना चाहिए। शासन और प्रशासन को ऐसे मुद्दों पर ध्यान देकर तत्काल इसका समाधान करना चाहिए।




